मित्रों आज आपको एक बहुत ही नए विषय पर ले जा रहा हूं. अपने वर्षों के अनुभव में मैंने यह पाया कि दृष्टिहीन आज के वातावरण में शिक्षा तो पाए जाते हैं, डिग्रियां जरूर ले लेते हैं परंतु उस अनुपात में उन्हें नौकरी नहीं मिल पाती है. खासकर के प्रशासनिक सेवाओं में विषयों की संख्या नगण्य है. ऐसा होने की वजह से समाज में दृष्टिहीनों को समान अवसर बहुत कम प्राप्त हो रहे हैं और दृष्टिहीन समाज का एक बहुत बड़ा तबका शिक्षित होने के बावजूद बेरोजगारी के दिन गुजारने को मजबूर हैं.
इंडिक ट्रस्ट लखनऊ ने इसी बात पर गौर किया और यह प्रण लिया कि अगले 3 सालों में कम से कम 50 दृष्टिहीनों को UPSC की परीक्षा में सफल करवाएंगे और देश के प्रतिभाशाली दृष्टिहीनों को प्रशासनिक सेवा में आने का मौका प्रदान करेंगे. पूर्व में भी इस प्रकार के प्रयास किए गए परंतु किसी भी संस्था का फोकस पूर्ण रूपे से आई. ए. एस. परीक्षा की तरफ नहीं रहा.
इस क्रम में सबसे पहले जो कठिनाई हमें दिखाई दी वह थी पुस्तकों की. दृष्टिहीनों हेतु IAS की परीक्षा के लिए सुगम्य पुस्तकें ना के बराबर उपलब्ध थीं.
अगस्त 2017 से पुस्तकों को सुगम्य बनाने का कार्य शुरू हुआ. नवंबर 2017 में इस पोस्ट को लिखे जाने तक बहुत सारी किताबें सुगम्य बनाई जा चुकी हैं. ये पुस्तकें इंडिक ट्रस्ट के पुस्तकालय के सदस्यों को मेल कर दी जाती हैं. यानि की किताबों संस्था दर संस्था भटकना, कोचिंग सेंटरों के चक्कर लगाना बंद.
कोई भी भारतीय दृष्टिहीन छात्र जो IAS की परीक्षा की तैयारी करना चाहता है मात्र ₹1200 सालाना देकर इन सारी किताबों को पढ़ना शुरू कर सकता है. लाइब्रेरी के सदस्यों को पुस्तकों के साथ साथ पत्रिका में भी उपलब्ध करवाई जाती हैं जो IAS की परीक्षा के लिए बहुत उपयोगी हैं जैसे की योजना, कुरुक्षेत्र, विज्ञान प्रगति, सिविल सर्विस क्रॉनिकल इत्यादि.
कोई भी भारतीय दृष्टिहीन छात्र जो IAS की परीक्षा की तैयारी करना चाहता है मात्र ₹1200 सालाना देकर इन सारी किताबों को पढ़ना शुरू कर सकता है. लाइब्रेरी के सदस्यों को पुस्तकों के साथ साथ पत्रिका में भी उपलब्ध करवाई जाती हैं जो IAS की परीक्षा के लिए बहुत उपयोगी हैं जैसे की योजना, कुरुक्षेत्र, विज्ञान प्रगति, सिविल सर्विस क्रॉनिकल इत्यादि.
भारत की लगभग हर एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय के छात्र जो प्रशासनिक सेवा में जाना चाहते हैं इस लाइब्रेरी के सदस्य हैं.
लाइब्रेरी मेम्बरशिप की प्रक्रिया इस प्रकार है
१. आप दिए गए लिंक पर जाकर लाइब्रेरी मेम्बरशिप का फॉर्म भर दें.
२. फॉर्म भर जाने के बाद आपको लाइब्रेरी की तरफ से पेमेंट लिंक प्राप्त होगा जिसपर जाकर आप मेम्बरशिप फी अदा कर दें.
३. लाइब्रेरी आपको स्वतः ही पुस्तकें भेजने लगेगी.
४. किसी भी प्रकार की समस्या होने पर आप 9565933662 पर संपर्क करें.
क्या पढ़ें
शुरुआत में आप NCERT की वर्ग ६ से बारह तक की सारी किताबें पढ़ डालें. महत्वपूर्ण यह है की आप बहुत साडी कित्ताबें पढ़ने के वजाय एक ही किताब को बार बार पढ़ें.
मेंस और प्रीलिम्स की तैयारी साथ साथ की करते चलें. न्यूज़ पेपर रीडिंग को रोज के कार्यक्रम में शामिल करें। हिन्दू और इंडियन एक्सप्रेस ही अच्छे एडिटोरियल वाले अखबार है इसलिए सिर्फ इन दोनों पर ध्यान दें.
पत्रिकाओं के लिए आप योजना, कुरुक्षेत्र, साइंस रिपोर्टर, सिविल सर्विस क्रॉनिकल, विज़न आई ऐ एस. को पढ़ें जो इंडिक ट्रस्ट द्वारा उपलब्ध करवाई जा रहीं हैं.
परीक्षा का सिलबस लगाकर देखते रहे और और उसी आधार पर पढ़ते रहे. सिलेबस ख़तम करके आप मल्टीप्ल चॉइस क्वेश्चन करते रहे. एस्से टाइप क्वेश्चन के लिए आप शुरुवात से ही लिखने की आदत डालें.
सनद रहे की इस परीक्षा में आपको कम से कम एक या डेढ़ साल लगते हैं. हताश होने की जरूरत नहीं है. यह कोई कठिन परीक्षा नहीं है. आप बस सही दिशा में काम करते रहे. सफलता आपके कदम चूमेगी.
इंडिक ट्रस्ट के इस प्रयास पर आप अपनी प्रतिक्रिया हमें भेज सकते हैं. हम अपने द्वारा दी गई सुविधाओं में निरंतर सुधार करने को प्रयासरत हैं.
शुरुआत में आप NCERT की वर्ग ६ से बारह तक की सारी किताबें पढ़ डालें. महत्वपूर्ण यह है की आप बहुत साडी कित्ताबें पढ़ने के वजाय एक ही किताब को बार बार पढ़ें.
मेंस और प्रीलिम्स की तैयारी साथ साथ की करते चलें. न्यूज़ पेपर रीडिंग को रोज के कार्यक्रम में शामिल करें। हिन्दू और इंडियन एक्सप्रेस ही अच्छे एडिटोरियल वाले अखबार है इसलिए सिर्फ इन दोनों पर ध्यान दें.
पत्रिकाओं के लिए आप योजना, कुरुक्षेत्र, साइंस रिपोर्टर, सिविल सर्विस क्रॉनिकल, विज़न आई ऐ एस. को पढ़ें जो इंडिक ट्रस्ट द्वारा उपलब्ध करवाई जा रहीं हैं.
परीक्षा का सिलबस लगाकर देखते रहे और और उसी आधार पर पढ़ते रहे. सिलेबस ख़तम करके आप मल्टीप्ल चॉइस क्वेश्चन करते रहे. एस्से टाइप क्वेश्चन के लिए आप शुरुवात से ही लिखने की आदत डालें.
सनद रहे की इस परीक्षा में आपको कम से कम एक या डेढ़ साल लगते हैं. हताश होने की जरूरत नहीं है. यह कोई कठिन परीक्षा नहीं है. आप बस सही दिशा में काम करते रहे. सफलता आपके कदम चूमेगी.
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