Friday, November 24, 2017

इंडिक ट्रस्ट लखनऊ द्वारा दृष्टिहीन मित्रों के लिए समाचार पत्र (NEWS PAPER FOR BLIND IN INDIA)

मेरे दृष्टिहीन मित्र हमेशा मुझसे यह सवाल पूछा करते थे कि समाचार पत्रों को पढ़ने का बड़ा आसान तरीका कोई बता दो यार.  ये इंटरनेट पर समाचार पत्र की वेबसाइट पर जाना पन्ने दर पन्ने छांटना एक बड़ा मुश्किल काम है.  समाचार पत्र पढ़ते पढ़ते बीच में इंटरनेट का गायब हो जाना या फिर अन्य तरह के प्रचार सामग्रियों का बीच में आना बड़ा ही डिस्टर्बिंग लगता है.
 इस विषय पर मैंने थोड़ा शोध किया और इस समस्या का समाधान ढूंढने की कोशिश की. यह कहने में कोई गुरेज नहीं की  समाधान पहले से ही उपलब्ध थे पर शायद कहते हैं ना दीपक तले अंधेरा होता है वही हाल मिला.  समाधान सालों से हमारे कंप्यूटर पर उपलब्ध है पर कभी गौर नहीं किया.  बस छोटे से प्रयास से ही समाचार पत्र एक इलेक्ट्रॉनिक बुक फॉर्मेट में बनकर तैयार थी.
देर आए दुरुस्त आए, अब आप भी  समाचार पत्रों को अपने  मोबाइल तथा कंप्यूटर पर आसानी से डाउनलोड करके ऑफलाइन मोड में पढ़ सकते हैं. इसके लिए आपको करना सिर्फ यह है कि आप सुगम्य पुस्तकालय के सदस्य बन जाए और सदस्य बनते समय इंडिक ट्रस्ट को अपनी लाइब्रेरी चुन लें. इस बात का ध्यान दें कि आप अपना मोबाइल नंबर एवं ईमेल का पता बिल्कुल सही दें ताकि आपको समय समय पर लाइब्रेरी द्वारा नई पुस्तकों  आदि की त्वरित जानकारी मिल सके.
हमारे द्वारा सदस्यता प्रदान किए जाने के बाद आप सुगम्य पुस्तकालय की वेबसाइट पर जाकर पीरियोडिकल  सेक्शन में जाकर न्यूज़पेपर सर्च करें और सबस्क्राइब कर लें.  लो जी हो गया काम अब जब भी आपका लाइब्रेरियन पुस्तकालय में  न्यूज़पेपर अपलोड करेगा आपको इसकी फॉरेन जानकारी हो जाएगी और आप उसी क्षण इसे डाउनलोड कर पढ़ना शुरू कर सकते हैं. फिलहाल तीन अंग्रेजी और एक हिंदी समाचार पत्र डाउनलोड करने के लिए उपलब्ध है.  सुगम्य पुस्तकालय की वेबसाइट है library.daisyindia.org
अगर आप सुगम्य पुस्तकालय के सदस्य पहले से ही हैं तो आप सिर्फ लॉग इन करके पीरियोडिकल सेक्शन में चले जाएं और सब्सक्राइब कर लें.
खबरों की खबर, आपको खबर कर दी है.   अब आप इस खबर से सबको खबर कर दें.
सुगम्य पुस्तकालय से संबंधित आने वाली किसी भी समस्या के लिए आप श्री संतोष खरे जी से संपर्क कर सकते हैं.  इस पोस्ट को लिखने में उनके सहयोग  के हम आभारी हैं. उनका संपर्क सूत्र है 9425376673.

Sunday, November 19, 2017

विंडोज 10 के लिए दो नए हिंदी टेक्स्ट टू स्पीच (कल्पना तथा हेमंत)



हिंदी भाषा के लिए एक अच्छे टेक्स्ट टू स्पीच की तलाश बहुत दिनों से जारी है परंतु कुछ अच्छा मिला नहीं. हाल ही में जैसे ही मुझे पता चला कि माइक्रोसॉफ्ट ने दो नए टेक्स्ट टू स्पीच जारी किए हैं और वह भी हिंदी भाषा के लिए तो बड़ी खुशी हुई और इच्छा हुई कि इन्हें तुरंत स्थापित किया जाए.

बस क्या था अपने विंडो 10 वाले कंप्यूटर में फटाफट यह दोनों टेक्स्ट टू स्पीच संस्थापित कर लिए .
 Windows 10 वन कोर वॉइस नाम से यह टेक्स्ट टू स्पीच आप भी अपने कंप्यूटर में स्थापित कर सकते हैं और वह भी बड़े ही आसान  चरणों में.

आप भी अपने कंप्यूटर में इन दोनों को टेक्स्ट टू स्पीच को  निम्न तरीके से संस्थापित कर सकते हैं

1. विंडोज 10 के किसी भी संस्करण पर, स्टार्ट मेनू पर क्लिक करें , फिर सेटिंग्स में जाएँ और निम्न करें:

2. टाइम एंड लैंग्वेज पर क्लिक करें, अगले पेज पर रीजन एंड लैंग्वेज का चयन करें

3. किसी भाषा को जिसे आप चाहते हैं चुनें। (हिंदी चुनें)

4. नई भाषा स्थापित होने के बाद (इसमें कुछ समय लग सकता है),

5. हिंदी को रीजन एंड लैंग्वेज में भाषा सूची में से चुनें, और फिर ऑप्शनस पर क्लिक करें।

6. अगले पेज पर आप स्पीच पर क्लिक करें. आपके द्वारा चुनी गयी भाषा स्थापित हो जायेगी.

7. अब आप अपने मन पसंद स्क्रीन रीडर में इस टेक्स्ट टू स्पीच को कॉन्फ़िगर कर सकते हैं. मैंने इसे एन वी डी ए में कॉन्फ़िगर किया है.

आपके कंप्यूटर पर हेमंत और कल्पना नाम के दो टेक्स्ट टू स्पीच स्थापित हो जायेंगे.

कमेंट करके अपनी प्रतिक्रिया हम तक पहुचायें और अपने मन पसंद टॉपिक पर पोस्ट की रिक्वेस्ट करें.



Saturday, November 18, 2017

दृष्टिहीन मित्र मुफ्त विंडोज १० पर तुरंत अपग्रेड करें



यूं तो Windows 10 पर अपग्रेड करना काफी समय पहले बंद हो गया था पर दिव्यांग जनों के लिए यह सुविधा बनी हुई थी परंतु हाल ही में इंटरनेट पर विभिन्न साइटों के माध्यम से यह जानकारी मिल्ली कि यह सुविधा केवल 31 दिसंबर 2017 तक ही रहेगी.  इस सूचना को मैंने बहुत गंभीरता से लिया है और मैं आप सभी मित्रों को विंडो स्टैंड पर अपग्रेड  तुरंत करने की  सलाह दे रहा हूं.

इस पोस्ट में मैं आपको बताऊंगा कि किस प्रकार आप  Windows 10 पर मुफ्त में अभी भी अपग्रेड कर सकते हैं.
आइये इस प्रक्रिया को जान लें:




  1. इस पेज पर के खुलने के बाद आप अपग्रेड बटन पर क्लिक कर दें


  1. अपग्रेड नाम पर क्लिक करने पर आपको Windows10Upgrade24074.exe  नाम की फाइल डाउनलोड करने को कहा जाएगा.


  1. आप इस फाइल को डाउनलोड कर लें और इसे रन कर लें


  1. अब आप स्टेप  दर स्टेप दिए गए निर्देशों का पालन करते चलें और अपने कंप्यूटर में Windows 10 को संस्थापित कर लें.


  1. ध्यान दें कि अगर आपका विंडो 7 या 8 ओरिजिनल नहीं है तो आपको Windows 10 को एक्टिवेट करने के संदेश प्राप्त हो सकते हैं.


  1. संपूर्ण कार्य को करते हुए अपने लैपटॉप पर मैंने अपना स्क्रीन रीडर एन. वी. डी. ए. चालू रखा था.

  1. अपग्रेड करने से पहले आप अपने सिस्टम का बैकअप जरूर ले लें.



यह पोस्ट आपको कैसी लगी कृपया कमेंट करके बताएं.  आप और कौन-कौन से विषयों पर जानकारी चाहेंगे यह भी लिखें


दिल में है जोश, देते हैं दृष्टिहीनों को नवीनतम तकनीक का ज्ञान


आज ट्विटर और फेसबुक के माध्यम से झारखंड  में संपन्न हुवे प्रशिक्षण कार्यक्रम पर नजर गयी. जानी पहचानी सी एक तस्वीर पर जाकर नजर टिक गयी. व्हील चेयर पर बैठा एक लड़का अपने आस पास बैठे कुछ द्रिस्तिहीन बच्चों  को एंड्राइड टेबलेट चलन सिखा रहा था. भारत के सुदूर क्षेत्र में भी नविन तकनीकी की अलख जलाने के जोशो खरोश को देखकर जी चाह गया की एक बार इस प्रशिक्षण के बारे में भी बात की जाए.

पेश कर रहा हु सत्यजीत से  बातचीत के  आधार  पर इस प्रशिक्षण के बारे में उनकी राय और झारखण्ड में दृष्टिहीन छात्रों का कैसा होगा भविष्य .

फोने उठाते ही चिर परिचित से आवाज़ सुनाई दी और जब चर्चा इस प्रशिक्षण के बारे में हुई तो वे बड़े उत्साहित दिखे. सत्यजीत ने बताया की रांची स्थित रिसोर्स सेंटर में उन्होंने लगातार ये प्रयास किये हैं की बच्चों को नवीनतम तकनिकी से अवगत कराया जाए. बात करने पर पता चला की विगत कुछ समय में इन छात्रों के लिए नवीनतम तकनिकी से बनी हुई  पुस्तकें  भी आ रही हैं जिन्हें मोबाइल और लैपटॉप पर आसानी से पढ़ा जा सकेगा. आने वाले सत्र में  सत्र के पहले दिन ही हर एक दृष्टिहीन छात्र के हाथ में पुस्तक होगी. सूचना वाकई हर्ष वाली थी. इन बढते कदम से की गयी मेहनत का पता चलता है. आज़ादी के तकरीबन ७० साल बाद बिरसा की भूमि पर इस प्रगति से मैं खुश हूँ.


चलते चलते आपको ये बता दूं की ये पोस्ट क्यों महत्वपूर्ण है. सत्यजीत खुद एक दिव्यांग हैं और दृष्टिहीन बच्चों को नवीनतम तकनिकी से अवगत कराना उनका पैशन है. इन्होने पूर्व में सुगम्य पुस्तकों बनाई थीं सुगम्य पुस्तकालय के स्थापित करने में अहम भूमिका  निभाई थी. सत्याजीत को उनके कार्यों के लिए अग्रिम बधाई.



Friday, November 17, 2017

दृष्टिहीन कैसे करें सिविल सर्विस एग्जाम की तैयारी


मित्रों आज आपको एक बहुत ही नए विषय पर ले जा रहा हूं.  अपने वर्षों के अनुभव में मैंने यह पाया कि दृष्टिहीन आज के वातावरण में शिक्षा तो पाए जाते हैं, डिग्रियां जरूर ले लेते हैं परंतु उस अनुपात में उन्हें नौकरी नहीं मिल पाती है.  खासकर के प्रशासनिक सेवाओं में विषयों की संख्या नगण्य है.  ऐसा होने की वजह से समाज में दृष्टिहीनों को समान अवसर बहुत कम प्राप्त हो रहे हैं और दृष्टिहीन समाज का एक बहुत बड़ा तबका शिक्षित होने के बावजूद बेरोजगारी के दिन गुजारने को मजबूर हैं.


इंडिक ट्रस्ट लखनऊ ने इसी बात पर गौर किया और यह प्रण लिया कि अगले 3 सालों में कम से कम 50 दृष्टिहीनों को UPSC की परीक्षा में सफल करवाएंगे और देश के प्रतिभाशाली दृष्टिहीनों को प्रशासनिक सेवा में आने का मौका प्रदान करेंगे.  पूर्व में भी इस प्रकार के प्रयास किए गए परंतु किसी भी संस्था का फोकस पूर्ण रूपे से  आई. ए. एस.  परीक्षा की तरफ नहीं रहा.  


इस क्रम में सबसे पहले जो कठिनाई हमें दिखाई दी वह थी पुस्तकों की.   दृष्टिहीनों हेतु IAS की परीक्षा  के लिए सुगम्य  पुस्तकें ना के बराबर उपलब्ध थीं.

अगस्त 2017 से पुस्तकों को सुगम्य बनाने का कार्य शुरू हुआ.  नवंबर 2017 में इस पोस्ट को लिखे जाने तक बहुत सारी किताबें सुगम्य बनाई जा चुकी हैं. ये पुस्तकें इंडिक ट्रस्ट के पुस्तकालय के सदस्यों को मेल कर दी जाती हैं.  यानि की किताबों संस्था दर संस्था भटकना, कोचिंग सेंटरों के चक्कर लगाना बंद.

कोई भी भारतीय दृष्टिहीन छात्र जो IAS की परीक्षा की तैयारी करना चाहता है मात्र ₹1200 सालाना देकर इन सारी किताबों को पढ़ना शुरू कर सकता है. लाइब्रेरी के सदस्यों को पुस्तकों के साथ साथ  पत्रिका में भी उपलब्ध करवाई जाती हैं जो IAS की परीक्षा के लिए बहुत उपयोगी हैं जैसे की योजना, कुरुक्षेत्र, विज्ञान प्रगति,  सिविल सर्विस क्रॉनिकल इत्यादि.


भारत की लगभग हर एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय के छात्र जो प्रशासनिक सेवा में जाना चाहते हैं इस लाइब्रेरी के सदस्य हैं.

लाइब्रेरी मेम्बरशिप की प्रक्रिया इस प्रकार है


१. आप दिए गए लिंक पर जाकर लाइब्रेरी मेम्बरशिप का फॉर्म भर दें.


२. फॉर्म भर जाने के बाद आपको लाइब्रेरी की तरफ से पेमेंट लिंक प्राप्त होगा जिसपर जाकर आप मेम्बरशिप फी अदा कर दें.


३. लाइब्रेरी आपको स्वतः ही पुस्तकें भेजने लगेगी.


४. किसी भी प्रकार  की समस्या होने पर आप 9565933662 पर संपर्क करें.


क्या पढ़ें

शुरुआत में आप NCERT की वर्ग ६ से बारह तक की सारी किताबें पढ़ डालें. महत्वपूर्ण यह है की आप बहुत साडी कित्ताबें पढ़ने के वजाय एक ही किताब को बार बार पढ़ें.
मेंस और प्रीलिम्स की तैयारी साथ साथ की करते चलें. न्यूज़ पेपर रीडिंग को रोज के कार्यक्रम में शामिल करें। हिन्दू और इंडियन एक्सप्रेस ही अच्छे एडिटोरियल वाले अखबार है इसलिए सिर्फ इन दोनों पर ध्यान दें.
पत्रिकाओं के लिए आप योजना, कुरुक्षेत्र, साइंस रिपोर्टर, सिविल सर्विस क्रॉनिकल, विज़न आई ऐ एस. को पढ़ें जो इंडिक ट्रस्ट द्वारा उपलब्ध करवाई जा रहीं हैं.
परीक्षा का सिलबस लगाकर देखते रहे और और उसी आधार पर पढ़ते रहे. सिलेबस ख़तम करके आप मल्टीप्ल चॉइस क्वेश्चन करते रहे. एस्से टाइप क्वेश्चन के लिए आप शुरुवात से ही लिखने की आदत डालें.

सनद रहे की इस परीक्षा में आपको कम से कम एक या डेढ़ साल लगते हैं. हताश होने की जरूरत नहीं है. यह कोई कठिन परीक्षा नहीं है. आप बस सही दिशा में काम करते रहे. सफलता आपके कदम चूमेगी.

इंडिक ट्रस्ट के इस प्रयास पर आप अपनी प्रतिक्रिया हमें भेज सकते हैं. हम अपने द्वारा दी गई सुविधाओं में निरंतर सुधार करने को प्रयासरत हैं.

दृष्टिहीनों के लिए बुकशेयर ऑनलाइन लाइब्रेरी

                                                   
आज नसीरुद्दीन शाह की फिल्म स्पर्श देख रहा था और उसी दौरान फिल्म में काम कर रहे दृष्टिहीन छात्रों की पुस्तकों की कमी के बारे में ध्यान गया. गौर किया तो लगा की समस्याएं आज वही वही हैं. 
भारत के विभिन्न छेत्रों  में आज भी छात्रों के पढ़ने के लिए किताब नहीं है. ब्रेल की पुस्तकों की जबरदस्त कमी है. इस कमी को पूरा करने के लिए ऑडियो बुक का सहारा लिया गया मगर रिकॉर्ड किये गए पुस्तकों को छात्रों तक पहुँचाने में बहुत दिक्कतें होती है. इन्हें रिकॉर्ड करने में भी बहुत समय लगता है.  दुर्दशा ये है की प्रकाशित किताबों का केवल ०.५ प्रतिशत ही सुगम्य फॉर्मेट में उपलब्ध हो पाता है.

पर बदलती तकनीक के साथ दृष्टिहीनों के लिए सुगम्य पुस्तकों का आगमन हुआ. इ टेक्स्ट वाली पुस्तकें बाजार में आने लगीं। दृस्तिहीन तेजी से इ टेक्स्ट वाली किताबों के ग्राहक बने और ज्ञान के सागर को खंगालने लगे.

मुझे अपने अनुभव द्वारा लगा की भारत में लोगों के पास दृष्टिहीनों के लिए उपलब्ध पुस्तकों के बारे में जानकारी की भी बहुत कमी है. यही सोच कर आज मैं यह ब्लॉग लिख रहा हूँ. 


बुकशेयर लाइब्रेरी  एक ऐसा ऑनलाइन पुस्तकालय हैं जहां पर दृष्टिहीनों के लिए पुस्तकें उपलब्ध है. सबसे बड़ी बात यह है कि  इन पुस्तकों को कोई भी दृष्टिहीन व्यक्ति या दृष्टिहीन व्यक्तियों के लिए काम करने वाली संस्था मुफ्त में डाउनलोड कर सकती है तथा कंप्यूटर मोबाइल iPhone इत्यादि पर पढ़ सकते हैं. आज मैं  ऐसी ही एक लाइब्रेरी के बारे में एक-एक कर चर्चा करूंगा ताकि दृष्टिहीन छात्र तथा छात्रों के लिए कार्य करने वाले लोगों को यह जानकारी पहुंच सके.


बुक शेयर 
आज मैं  बुकशेयर के बारे में चर्चा कर रहा हूं. यह पुस्तकालय अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित Benetech कंपनी द्वारा चलाई जा रही है.  कुछ ही समय में इस लाइब्रेरी के पास 500000 से भी ज्यादा पुस्तकें उपलब्ध है.  इन पुस्तकों को पढ़ने के लिए आपको अपने कंप्यूटर पर या मोबाइल पर DAISY प्लेयर सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करना पड़ता है और आप किताबों की दुनिया में  खो जाने को तैयार हो जाते हैं.  यह पुस्तकें इलेक्ट्रॉनिक टेक्स्ट फाइल की तरह होती हैं जो आपके कंप्यूटर या मोबाइल में क्षण भर में ही डाउनलोड हो जाती है तथा किसी भी किताब को पढ़ने के लिए आपको दिनों या महीनों का नहीं बल्कि कुछ ही मिनटों का इंतजार करना पड़ता है. यह  गए जमाने की बात हो गई है जब दृष्टिहीनों को बाजार में किसी नई पुस्तक आने के बाद उसे पढ़ने के लिए महीनों का  इंतजार करना पड़ता था.

जिन छात्रों को अपने स्कूल की किताबें चाहिए वे इनकी वेबसाइट पर जाकर या सॉफ्टवेयर की मदद से मिनटों में अपनी सारी किताब डाउनलोड कर पढ़ना शुरू कर सकते हैं.  जिन्हें कॉन्पिटिटिव एग्जाम की तैयारी करनी है वह अपनी आवश्यकता के अनुसार किताबें डाउनलोड कर सकते हैं.  जिन्हें अपने मनोरंजन के लिए पुस्तकें चाहिए वह उस तरह की किताबें डाउनलोड कर सकते हैं.  संक्षेप में कहूं तो यह विशाल सागर का रूप लेती जा रही है.  आवश्यकता है इसमें डूब जाने की और  मोती ढूंढने की.

यहां मैं आपको इस लाइब्रेरी की मुफ्त मेंबरशिप प्राप्त करने का तरीका बता रहा हूं:

आप अपने ईमेल द्वारा निम्नलिखित जानकारियां बुक शेर को भेज दें और वह  आप की सदस्यता 4 से 5 कार्य दिवस में संपन्न कर  आपको सूचित कर देंगे.

नाम,  पता,  ईमेल का पता,  फोन नंबर,  विकलांगता का प्रकार,  विकलांगता प्रमाण पत्र.

  आप इन  जानकारियों को बुकशेयर के मेंबरशिप विभाग में भेज दें जिनका ईमेल का पता है zainabc@bookshare.org  तथा फोन नंबर है 96502 11575

आप  बुक शेयर पर उपलब्ध किताबों को अपने लैपटॉप Android फोन और iPhone पर पढ़ सकते हैं.  इन पुस्तकों को पढ़ने के लिए  मुफ्त तथा पेड़ सॉफ्टवेयर इंटरनेट पर आसानी से उपलब्ध हैं. आप निम्नलिखित लिंक पर जाकर भी उन सारे सॉफ्टवेयर की सूची देख सकते हैं जिसका इस्तेमाल कर आप बुक शेयर पर उपलब्ध पुस्तकें पढ़ सकते हैं.
https://www.bookshare.org/cms/help-center/reading-tools/member-preferred-tools



अपनी अगली पोस्ट में मैं आपको एक और ऑनलाइन लाइब्रेरी के बारे में जानकारी प्रदान करूंगा जो पूर्णतया भारत में बनी है तथा जहां पर आपको ऑडियो तथा ई टेक्स्ट में भी पुस्तकें उपलब्ध हो जाती हैं.  

दृष्टिहीनों के लिए आधुनिक तकनीकों तथा पुस्तकों के लिए आप दिए गए ईमेल पर भी संपर्क कर सकते हैं.


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इंडिक ट्रस्ट





ऑर्बिट रीडर -२० ब्रेल डिस्प्ले

                                                 
तीस साल पहले जब ब्रेल डिस्प्ले   की संकल्पना हुई थी तब दृस्तिहीन व्यक्तियों के लिए ये इतनी उच्च कीमतों वाले हुवा करते थे की बहुत कम लोग ही इस तरह के किसी सहायक उपकरण को खरीद पाते थे.  इस वजह से सरकारें और बड़ी संस्थाएं आगे आकर दृस्तिहीन व्यक्तियों की मदद किया करती थीं. परन्तु फिर भी उच्च शिक्षा में दृष्टिहीन बहुत कम ही आ पाते थे.

सं २०१२ में  ट्रांसफॉर्मिंग ब्रेल ग्रुप ने ६३ परियोजनाओं की जांच करके एक प्रोजेक्ट को चुना जिसमे दुनियाँ  के सबसे सस्ते ब्रेल डिस्प्ले को विकसित किया जा सके.  यह उम्मीद की गयी की ५०० डॉलर से कम में ही कोई उत्पाद को विकसित किया जा सकेगा.


ऑर्बिट रिसर्च ने स्वीकार किया इस चुनौती को  और नतीजा ऑर्बिट रीडर 20 आज पूरी दुनिया में  छा जाने को बेताब है. इस ब्रेल डिस्प्ले की इतनी चर्च सुनकर मैंने भी इस मशीन को टेस्ट करना चाहा और बिना हिचकिचाहट के ऑर्बिट रिसर्च ने मुझे एक  देखने हेतु  प्रदान किया. हम इस बात के लिए ऑर्बिट रिसर्च के बहुत आभारी हैं.




ऑर्बिट रिसर्च के इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य  उत्पाद को विकसित करना था जो की ब्रेल एवं अन्य तरह की फाइलों को बिना किसी दिक्कत  के पढ़ सके. यह भी उद्देश्य रखा गया की दृस्तिहीनो के लिए जो ऑनलाइन लाइब्रेरीज हैं उनकी किताबों को यह मशीन पढ़ सके.  हमने इस बात को जांचने की भी कोशिश की हैं की यह कितना सफल है. कंप्यूटर तथा मोबाइल फोन्स के साथ भी कनेक्ट कर के इसे  देखा गया और परिणाम बहुत ही बढ़िया रहे हैं.

हमारी टेस्टिंग के दौरान हमने पाया की आई फ़ोन और एंड्राइड फ़ोन के साथ यह मिनटों में कनेक्ट हो जाता है और लैपटॉप से भी कनेक्ट करना भी बहुत आसान है.


ऑर्बिट रीडर 20 का विवरण

जब हमने इस ब्रेल डिस्प्ले को अनबॉक्स  किया तो हमने पाया की यह  तकनिकी का एक बेहद नायब टुकड़ा है. इसमे मौजूद २० ब्रेल सेल्स में ब्रेल पढ़ने का मजा ही कुछ और है. पर्किन्स ब्राइलर की तरह की कुंजियाँ भी इसमें मौजूद हैं. टाइप करने के लिहाज से इस से आराम दायक कोई भी प्रोडक्ट नहीं हो सकता है.


 डॉट्स 1 और 4 कुंजियों के बीच से थोड़ी से ऊपर एक चार- दिशाओं वाला  स्क्रॉल बटन है, जिसमें बाएं, दाएं, ऊपर और नीचे जाने वाले बटन  और एक उठा हुवा गोलाकार बटन है।


ब्रेल डिस्प्ले के किसी भी अंत में एक विभाजित ऊर्ध्वाधर बार है। ये बाएं और दाएँ पॅनिंग बटन होते हैं जो पढ़ने के दौरान आगे और पीछे जाने के लिए उपयोग किए जाते हैं। यह विशेष रूप से डिजाइन तत्व विशेष रूप से सुविधाजनक है दाहिने पैनिंग पट्टी के निचले आधे भाग को दबाएं और डिस्प्ले एक चौड़ाई में आगे बढ़ता है;

इस मशीन में पीछे की और बाएं से दाएं जाने पर , पावर स्विच, एसडी कार्ड स्लॉट और माइक्रो यू एस बी पोर्ट हैं।

ताजा कॉफ़ी वाला  अनुभव 

यह मशीन ब्राईले डिस्प्ले मशीन की दुनिया में एक नया दृश्टिकोण ले कर आती है इस बात में कोई  आश्चार्य नहीं है. जब ऑर्बिट रीडर चालू या बंद किया जाता है और डिस्प्ले के प्रत्येक डॉट एक  विशिष्ट ध्वनि बनाते हैं सी आती है जो इस बात को दर्शाती है की आपका ऑर्बिट रीडर तैयार है. यह अगर एक रोमांटिक सी शाम की बारिश की   याद दिलाये तो वाकई में यह प्रोडक्ट लाजवाब होने का अपना दावा पुख्ता करती है. 

ब्रेल के डॉट जो इस तरह के उत्पादों के लिए आवश्यक है बहुत ही बढ़िया लगे.

                                               ऑर्बिट रीडर 20 की विशेषताएं और कार्य

ट्रांसफॉर्मिंग ब्रेल ग्रुप के प्रस्तावित परिणाम के नाम और उद्देश्य के साथ, ऑर्बिट रीडर 20, मुख्यतः, एक ब्रेल रीडर है। डिवाइस के दो मोड में कार करती है. रीडर मोड में, यह उपयोगकर्ता द्वारा डाली गई एसडी कार्ड पर लोड की गई किसी भी फाइल को पढ़ने की अनुमति देता है। रिमोट मोड में, ऑर्बिट रीडर 20, जब इसकी यूएसबी कनेक्टिविटी के माध्यम से जुड़ा होता है, तो उपयोगकर्ता को एक स्क्रीन रीडर ( विंडो-आइज़, एनवीडीए, वॉइस ओवर) चलने वाले कंप्यूटर द्वारा उत्पन्न किसी भी सूचना को पढ़ने में सक्षम बनाता है या जब ब्लूटूथ के जरिये एंड्राइड या आई फ़ोन द्वारा  किसी से जोड़ा जाता हो.


ऑर्बिट रीडर 20 में ऑनबोर्ड स्टोरेज क्षमता नहीं है और अनुवाद क्षमता व्हीभी नहीं  है पर मैं एक ५०० डॉलर वाले उत्पाद में इतनी साड़ी चीजें उम्मीद भी नहीं करता.


 यह बहुत सारी फ़ाइलों को संभालता है और ब्रेल उपयोगकर्ता को उन सामान्य तरीकों से उन फाइलों में हेरफेर करने में सक्षम बनाता है। ऐसा करना बड़ा ही आसान रहा.

फ़ाइलें एसडी कार्ड पर में लोड की जाती हैं, इसलिए भंडारण अनिवार्य रूप से उपलब्ध कार्ड के आकार पर डिपेंड करता  है  की पाठक क्या सेव करता है.

मैंने bookshare.org  से भी किताब डाउनलोड कर इस डिस्प्ले पर  पढ़ा और बेहतरीन रिजल्ट पाया।
यदि आप  .doc, .txt, .rtf  फ़ाइल आदि है, तो आप इसे अनकंट्रैक्टेड  ब्रेल के रूप में पढ़ लेंगे।

फ़ाइलें और संपादन टेक्स्ट को जोड़ना

कॉपी पेस्ट एवं कट करना बड़ा ही आसान रहा. यकीन नहीं आता की एक ऐसी मशीन विकसित होने पर दृस्तिहीनों की जिंदगी कितनी बदल जायेगी. आप किसी बुक को पढ़ते समय बुक मार्क लगा सकते हैं और दुबारा जब पढ़ना हो तो आप वापस उसी  हैं.


ऑर्बिट रीडर 20 के साथ उपयोग किए जाने वाले कई कमांड अन्य ब्रेल उपकरणों के उपयोग से परिचित होंगे। चूंकि कुछ अन्य ताज़ा करने योग्य ब्रेल उपकरणों की तुलना में ऑर्बिट रीडर में  कम चाबियाँ हैं, हालांकि, प्रत्येक कमांड का उपयोग करके और कई आदेशों को कार्यान्वित किया जाता है।


कई ब्रेल उपयोगकर्ताओं को कभी भी एक ब्रेल डिस्प्ले नहीं  मिला होगा पर मैं काफी भाग्यशाली रहा हूं।  ब्रेल को मेरा ऐसा मानन है की ब्रेल पाठकों के हाथों में यह ब्रेल डिस्प्ले रखा जा सकता है तो  साक्षरता और में वृद्धि होगी और ज्यादा से जयादा दृष्टिहीनों को अवसर मिलेंगे।

ऑर्बिट रीडर 20, संभावनाओं का  वास्तव में एक बेहतरीन उम्मीदवार है.

आईबील मुद्रा पहचानकर्ता , ओरियन साइंस कैलकुलेटर  की वजह से ऑर्बिट पहले भी चर्च में रहे हैं। इन बेहतरीन प्रोडक्ट्स की वजह से ऑर्बिट रिसर्च का इस क्षेत्र में एक अलग ही मुकाम  है.  ऑर्बिट रिसर्च से बात करके पता चल की यह बहुत जल्द हिंदुस्तान में भी उपलब्ध होगा। कई नए फीचर्स भी उपलब्ध होंगे.

यह कह सकता हूँ की यह संभावनाों एवं  आशाओं  का एक मिश्रण है!
अधिक जानकारी के लिए आप ऑर्बिट रीडर की वेबसाइट http://www.orbitresearch.com पर जा सकते हैं और अपने प्रश्न पूछ सकते हैं.

 अगर आप अपने लिए  या फिर अपनी संस्था के लिए इस मशीन को खरीदना चाहते हैं तो आप हमें भी संपर्क कर सकते हैं. हम कोशिश करेंगे  आप को बेहतरीन डील मिल सके.

हमारे ईमेल पता है:   at@indictrust.in


गूगल फोटो से फ़टाफ़ट पुस्तकों को ओ सी आर करें

अभी से कुछ समय पहले तक पुस्तकों को ओ सी आर करना बहुत ही मुश्किल कार्य हवा करता था. ख़ास कर के भारतीय भाषाओं में तो पुस्तकें बनाना अत्यंत ...